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महाशिवरात्रि पूजन , maha shivaratri ,pujan , vrat , महाशिवरात्रि का पूजन घर में किस प्रकार किया जाये

महाशिवरात्रि  पूजन , maha shivaratri  ,pujan , vratमहाशिवरात्रि का पूजन घर में किस प्रकार किया जाये , ताकि सुख शांति और समृद्धि में बृद्धि हो | यु तो भगवन शिव की उपासना की कई विधिया प्रचलित है जिनका पालन करना| हर एक जनमानस के बस की बात नहीं |भगवान शिव को भोले नाथ भी कहते है क्यों के ये भोले भाले लोगो के नाथ है

अर्थात रक्षक है | इस लिए भगवन शिव की उपासना आडम्बर से रहित , सादगी और पवित्रता से करनी चाहिए |
भगवान शिव का दूसरा नाम त्रिलोकी नाथ भी है |,भगत कहते है के भगवान शिव कण कण में समाये हुए है |आज तक कोई भगत भगवान शिव के दरवार से खाली नहीं गया |  स्वीधी रुद्राभिषेक करने से समस्त सांसारिक दुखो का नाश होता हैं .

महाशिवरात्रि  पर्व  4 MARCH   2021

किसी भी सोमबार से भगवान शिव की उपासना शुरू की जा सकती है | लेकिन सावन के महीने में भगवान शिव विशेष कृपा करते है |

इस लिए सावन के महीने भगवान शिव की उपासना जरूर करनी चाहिए | सावन के महीने 16 सोमबार व्रत करने से भगवान शिव की कृपा पात्र बना जा सकता है |

महाशिवरात्रि में भगवान शिव की उपासना करने से भगवान शिव जी की विशेष कृपा मिलती है |मानसिक , दैहिक और भौतिक सभी प्रकार की परेशानिओं से छुटकारा मिलता है| सिर्फ एक दिन महाशिवरात्रि को त्रिलोकी नाथ की उपासना करने से|समस्त दुखो का नाश होता है |

महाशिवरात्रि में भगवान शिव का पूजन कैसे करे - शिव पुराण में शि

व जी की उपासना के कई वर्णन मिलते है |जिनमे से कुछ बहुत जटिल भी है लेकिन भगवान शिव जी मानस पूजा से जल्दी प्रसन होते है |
अर्थात जो पूजा मन से की जाये|,इस लिए महाशिवरात्रि को मानस पूजा का विशेष महत्व है |ये जरुरी नहीं के आप बहुत बड़े बड़े मन्त्र जाप करो| तभी शिव जी प्रसन होंगे | ईश्वर तो मन की बात समझते है चाहे वो किसी भी भाषा में हो |

कैसे करे मानस पूजा - सबसे पहले महाशिवरात्रि की सुबह जल्दी उठ कर स्नान आदि से पवित्र होकर| भगवान शिव जी के बीज मंतर "ॐ नमः शिवाये"का का जाप कम से कम 51 माला करे |

जिस जगह पर बैठ कर जाप करे वहाँ साफ सफाई और साफ़ सुथरा आसान जरूर लगाए | जाप बंद आँखों से और आज्ञा चक्क्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए करे |

जाप पूरा होने के बाद किसी समीप के मंदिर जहाँ शिव भगवन की पिंडी रूप में स्थापना की गयी हो |अर्थात शिव लिंग की स्थापना की गयी हो वहाँ जाकर | गंगा जल , बिल पत्र ,भांग के पंच पत्र , अक्षत चावल ,मिश्री गाये का कच्चा दूध युक्त शुद्ध जल से भगवान शिव को स्नान कराये ,और अपने सोभाग्ये की कामना करे |

इसके बाद पूरा दिन मन ही मन भगवान शिव का सुमिरन करते रहे रात को सूर्ये असत होने से 51 माला बीज मन्त्र का जाप जरूर करे |

निषेध ---> महाशिवरात्रि के पर्व में किसी प्रकार का नशा ना करे ,चाहे वो भांग ही क्यों न हो, जुआ न खेले | किसी प्राणी को शारीरक और मानसिक कष्ट न दे | गरीब और दुखी लोगो के सहायता करे

विशेष --> कई श्रद्धालु जन महाशिवरात्रि के पर्व पर व्रत भी रखते है | अगर आप भी शिव जी का व्रत रखना चाहते है तो ये पोस्ट पड़े ,

आखिर में यही कहना चाहूंगा के अगर आपको ये कथा प्रेरणादायक लगे तो
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