-->

अरविदासव बच्चों के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक arvindasav bachcho ke liye ayurvedic tonic

ये आर्टिकल उन पाठको के लिए है जो आयुर्वेदिक ज्ञान बढ़ाना चाहते  है. आज इस piost में हम आपको एक ऐसी ओषधि की जानकारी देंगे जो बच्चों के लिए संजीवनी से काम नहीं . दोस्तों इसका नाम है अरविदासव | अरविदासव एक आयुर्वेदिक हेल्थ tonic है जिसे  सिर्फ छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है . अरविंदसं के सेवन से कोण कोण से लाभ होते है आईये जानते है 


arvindasav
अरविन्दासव   बच्चों के लिए आयुर्वेदिक टॉनिक

1 ) - अरविंदासव बच्चों के लिए एक ऐसा आयुर्वैदिक टॉनिक जो बच्चों के हर एक रोग को ठीक करता है .इसके सेवन से आयु में वृद्धि होती है .

2 ) - बच्चों  में अगर खून की कमी हो तो अरविंदासव   के सेवन से लाल रक्त कणो की वृद्धि होकर चेहरे पर कान्ति आ जाती है

3 ) - दुबले पतले सूखे बच्चों को इसका सेवन करवाया जाए तो उनका स्वास्थ्य ठीक हो जाता है .

4 ) - अरविंदासव के सेवन से बच्चों की हड्डियां मजबूत हो जाती है..

5 ) - खून की कमी से कमजोरी के कारन बच्चे चिडचिडे हो जाते है ऐसी अवस्था में अरविन्दासव का सेवन उत्तम लाभकारी है |

6 ) - अगर बच्चा ज्यादा कमजोर हो जाए चल फिर न सके , खड़ा भी न हो पाए ऐसे बच्चों को अरविंदासव अच्छा लाभ देता है

7 ) - अरविंदासब के सेवन से बच्चों की कबज ठीक हो जाती है


7 ) - जो बच्चे भोजन से जी चुराते है अर्थात भोजन में अरुचि दिखते है उनको भी इसके सेवन से लाभ होता है . ऐसे बच्चों को भूख ज्यादा लगने लगती है .


कुछ महीनो तक लगातार अरविन्दासव  का सेवन अगर बच्चो को करवाया जाये तो उनके सेहत में सुधर होने लगता है , शरीर  हष्ट पुश्त हो जाता है , खून की कमी नहीं रहती , हड्डियां मजबूत  बनती है , बचो की चुस्ती फुर्ती में वृद्धि ही जाती है .

अरविंदसाव में कौन कौन से जड़ी बूटियां डाली जाती हैं 



आमला
कचूर
कलिनी शोध
नीली मूल
परवल के पते
पित्तपापड़ा
अर्जुन की छाल
कमल के फूल
खस
गम्भारी का फल
नील कमल
मंजीठ
इलायची
खरैंटी
जटामांसी
मोठा
अनंतमूल
हर्र
इलायची
खरैंटी
जटामांसी
मोठा
अनंतमूल
बहेड़ा
मुलेठी
महुए के फूल
मुरमाणसी
चीनी 2.5 किलो
शहद 1 किलो

सभी ओषधियाँ 10-10 ग्राम  लेकर ग्राइंडर में डाल कर मोटा मोटा कूट लें  उसके बाद किसी वर्तन में डाल कर ऊपर से 6  लीटर पानी , गुड़ और शहद डालें और सन्धान   के लिए छोड़ दें .कुछ दिनों बाद उसमे मुन्नका 250  ग्राम धाय  के फूल  50  ग्राम  डाल दें . और कम से कम 35 दिन तक साधन के छोड़ें . द्रव्य त्यार होने के बाद छान कर साफ शीशी में डाल कर प्रयोग के लिए रख लें.



आयुर्वेदिक होने के कारण इस टॉनिक का कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं है फिर भी किसी भी दवयु का सेवन करवाने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें








EmoticonEmoticon