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Sunday, October 11, 2020

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चित्रकादि चूर्ण एक तरह का हाजमे का चूर्ण है जो पेट की समस्त विकारो को ख़तम कर के अमाशय को मजबूत करता है और लीवर को स्वस्थ बनता है .इसके सेवन से पेट की वायु बदहजमी,मंदाग्नि उदार शूल को जड़ से ख़तम करता है .और भूख को बढ़ाता है .

chitrakadi churan


चित्रकादि चूर्ण के फायदे :-

1. चित्रकादि चूर्ण  दर्द निवारक आयुर्वेदिक दवाई  है .

2. इस चूर्ण का सेवन उदर शूल अर्थात पेट दर्द के लिए भी किया जाता है .

3. कुछ भी खाने के बाद पेट में वायु इकट्ठा हो जाये तो चित्रकादि चूर्ण का सेवन हितकारी होता है   .

4. मंदाग्नि और भोजन में अरुचि होने पर इस चूर्ण का सेवन गर्म जल के साथ किया जाना चाहिए .

5. चित्रकादि चूर्ण दीपन , पाचक और अग्निवर्धक है . इसके सेवन से भोज शीघ्र पच जाता है , 

6. चित्रकादि चूर्ण के सेवन से पलीहा अदि रोग नष्ट हो जाते है .


चित्रकादि चूर्ण कैसे बनाये :-

चित्रक  10  ग्राम 

पीपलामूल  10  ग्राम 

पीपल  10  ग्राम 

गजपीपल  10  ग्राम 

हींग 10  ग्राम 

पुष्करमूल 10  ग्राम 

अनारदाना  10  ग्राम 

कालाजीरा 10  ग्राम 

वायविडंग 10  ग्राम 

धनिया  10  ग्राम 

हाऊबेर  10  ग्राम 

सोया  10  ग्राम 

हिंगुपत्री  10  ग्राम 

चव्य  10  ग्राम 

अम्लबेत  10  ग्राम 

जीरा  10  ग्राम 

अजवाइन  10  ग्राम 

कचूर  10  ग्राम 

बच 10  ग्राम 

तुंबरू  10  ग्राम 

अजमोद  10  ग्राम 

काला नमक  10  ग्राम 

सोंठ   220  ग्राम 

इन सब सामग्रीओ को पीस कर महीन चूर्ण बनाकर डिब्बे  डाल कर रख लें .जरुरत पड़ने पर 1  ग्राम सुबहा  एक ग्राम शाम को गरम जल के साथ या छाछ के साथ सेवन करना चाहिए .

साबधानी :- 

ये चूर्ण पित वर्धक है , और अग्नि वर्धक है इस लिए कमजोर कोमल प्रवृति  के लोग इस चूर्ण का सेवन न करें. . जिन लोगो को hyperacidity  की शिकायत है वो भी इस चूर्ण का सेवन न करें . 

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