Dr rajendr parsad biography in hindi : डॉक्टर राजेंदर प्रसाद जीवनी


Dr rajendr parsad biography डॉक्टर राजेंदर प्रसाद जीवनी भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भारतीय जीवन पद्ति के सच्चे भगत थे ,आपका जनम ३ दिसंबर 1984 जीरादेई में हुआ था जोकि बिहार के सारण जिले का एक छोटा सा गांव हैं ,आपके पिता जी का नाम महादेव सहाय और माता जी का नाम कमलेश्वरी देवी था , 26 जनवरी 1950 को ‘सादा जीवन उच्च बिचारों की प्रतिमूर्ति एंव बिहार के किसानों का नेतृत्व करने वाले एक महान व्यक्ति को देश का प्रथम राष्ट्रपति बनाया गया |
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वह महान व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि बिहार के गौरव डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे,डॉ राजेंद्र प्रसाद का  असाधारण सरलता और आडम्बर रहित जीनव ,सज्जनता उनको जन मानुष में प्रिय बनाती हैं.


DR. rajendr parsad जी ने प्रारम्भिक शिक्षा घर पर की उसके बाद हाई स्कूल की शिक्षा छपरा के जिला स्कूल से की ,उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आप ने कोलकाता के प्रेजिडेंट कॉलेज में एडमिशन लिया 1902 में अपने उच्च शिक्षा प्राप्त की .उच्च शिक्षा प्राप्त करने से बहुत पहले आपकी शादी कर दी गयी थी 1897 में आपकी पत्नी का नाम राजवंशी देवी था और आपको दो पुत्र रत्न कीप्राप्ति हुयी .

Dr rajendr parsad एक जाने माने बकील थे ,कोलकाता और पटना में आपकी बकालत के खूब चर्चे हुए , इसी कारण चम्पारण में आपकी मुलाकात गाँधी जी से हुयी , गाँधी जी के उच्च विचारों से प्रभावित होकर आप जीने अपनी बकालत छोड़ दी और देश सेवा में कूद पड़े ,

आप २५ वर्षों तक कांग्रेस के कार्यो कर्म भाग लेते रहे तथा कई आंदोलनों में भी आपका नाम विख्यात रहा.जिस कारन आपको कई बार जेल भी जाना पड़ा लेकिन आप ने कभी हिम्मत नहीं हारी जो संकल्प आपने लिया देश को आज़ाद करवाने का वो आपने पूरा किया .आपको तीन वार कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया ,आपकी गणना उच्च कोटि के नेताओं में होती थी .

एक बार 1914 में बिहार में बाड़ आयी तो Dr rajendr parsadजी ने बड़ चढ़ कर लोगो की सेवा की 1934 में भूकंप के समय आप जेल में थे ,जेल से छूटने के पश्चात् लोगो की सहायता के लिए आपने व्यक्तिगत प्रयसों से धन एकत्रित किया .

डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को 1934 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुंबई अधिवेशन में अध्यक्ष चुना गया 1946 में जब पहली वार राष्ट्रिय  सरकार का गठन किया गया तो आपको खाद्य एवं कृषि मंत्री बनाया गया था

भारत के प्रथम राष्ट्रपति भारत की आज़ादी के समय डॉ राजेंद्र प्रसाद जी भारत का प्रथम राष्ट्रपति बनाया गया .आपने 12 वर्ष तक राष्ट्रपति के रूप में भारत देश की सेवा की ,राजेंद्र प्रसाद जे ने राष्ट्रपति पद ग्रहण कर के इस पद की गरिमा को चार चाँद लगा दिए ,

आपका जीवन इतना सादगी भरा था के आप इतने ऊँचे ओहदे पर विराजमान होकर भी विनम्र रहे अहंकार का लेश मात्र भी अंश आपमें देखने को न मिलता था .

आपका मानना था के राष्ट्रपति को पुरे भारत के लोग अपना नेता मने इस लिए आपने सलाह दी की राष्ट्रपति को एक दो महीने दक्षिण भारत में भी रहना चाहिए .1962 में रिटायर होने के उपरांत आपको भारतरत्न के सम्मना से सम्मानित किया गया .

बहुत कमलोग जानते हैं के आप एक वैज्ञानिक भी थे आपका मानना हैं पेड़ पौधों में भी जान होती हैं उसको भी दर्द और ख़ुशी महसूस होती हैं .राजेंद्र प्रसाद एक लेखक भी थे आपने आपने जीवन में कई किताबे लिखी , उनकी मुख्य कृतियां बापू के कदमो में , और इंडिया डिविडेंड थी

सन 1962 में अवकाश प्राप्त करने के पश्चात् Dr rajendr प्रसाद सदाकत आश्रम में रहने लगे वही पर १९६३ में डॉ. प्रसाद परलोक सिधार गए ,आज वो हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके कार्य और आज भी लोगो के लिए प्रेरणा का स्तोत्र हैं .

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