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Saturday, February 20, 2021

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अजमोदादि चूर्ण बनाने की दो विधियां  है और दोनों के लाभ भी अलग अलग है ,इस लेख में आपको दोनों अजमोदादि चूर्ण बनाने की विधियां बताई जाएँगी इस चूर्ण का प्रयोग ज्यादातर शूल ( दर्द ) आमबात ,गृध्रसी,पीठ दर्द ,वायु और कफ दोष ,आमवात आदि   रोगों में किया जाता है |

ajmodadi churan  in hindi jankari


अजमोदादि चूर्ण बनाने की विधि नंबर - १ 


वन अजवायन 10  ग्राम

वच 10  ग्राम

कुठ 10  ग्राम

अम्लवत 10  ग्राम

सेंधा नमक 10  ग्राम

सज्जीखार 10  ग्राम

हरड़ 10  ग्राम

त्रिकटु  10  ग्राम

ब्रह्मदंडी 10  ग्राम

मोठा 10  ग्राम

हुलहुल  10  ग्राम

सोंठ 10  ग्राम

काला नमक 10  ग्राम

ऊपर बताई गयी सभी औषधियां पंसारी  की दुकान  से  खरीद  कर  घर  ले  आएं | ध्यान रहे सभी  जड़ियाँ साफ़ सुथरी और फंगल रहित होनी चाहिए , जड़िओं में  किसी किसम की गन्दगी  पत्थर  या कंकर , मिटटी हो तो उसे साफ़ कर लें  | अन्यथा लाभ की बजाए हानि हो सकती है ,| औषद्दीयों को अच्छी तरह साफ़ करने के बाद ग्राइंडर , या हमाम-दस्ते   में पीस कर बारीक चूर्ण बना लें |

मात्रा और सेवन विधि :-

2  से 3  ग्राम अजमोदादि चूर्ण नंबर एक फांक कर ऊपर से छाछ पी लें .ये चूर्ण आप सुबहा  शाम खा सकते है | इस चूर्ण को वैद्य के परमर्श अनुसार अलग अलग रोगो में उचित अनुपान के साथ सेवन करना चाहिए .

लाभ और उपयोग विधि 

1 ) - इस चूर्ण की तस्वीर गर्म होती है इस कारन इसका प्रयोग वात और कफ जन्य  रोगो में लाभकारी होता है

2 ) - हर प्रकार के दर्द को ठीक करने में अजमोदादि चूर्ण का कोई जवाब नहीं .

3 ) - कमर दर्द रीगन ( रींगड का  दर्द ) गृध्रसी का दर्द ,साइटिका का दर्द इतयादि में बहुत लाभकारी है .

4 ) - शरीर के जिस हिस्से में कुपित वायु इकट्ठा हो जाये वहां दर्द होने लगता है , इस चूर्ण के प्रयोग से कुपित वायु शांत होकर दर्द ठीक हो जाता है .

5 ) - सही योग के साथ प्रयोग करने  से  पेट दर्द को ठीक कर देता है.

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अजमोदादि चूर्ण विधि नंबर २ 

अजमोद  12  ग्राम

वयवडिंग 12  ग्राम

सेंधा नमक 12  ग्राम

देवदारु 12  ग्राम

चित्रक मूल की छाल  12  ग्राम

सोया 12  ग्राम

पीपल 12  ग्राम

पीपलामूल 12  ग्राम

काली मिर्च 12  ग्राम

हरड़ 60 ग्राम

विधारा 120  ग्राम

सभी सामग्रीओं को कूट पीस कर महीन चूर्ण बना लें .और साफ़ कांच के डब्बे में डाल  कर ढकन बंद कर के रखें और ध्यान रहे डिब्बा एयरटाइट होना चाहिए .

मात्रा और सेवन विधि :-

2  से 3  ग्राम अजमोदादि चूर्ण नंबर दो का सेवन गर्म या गुनगुने जल के साथ करना चाहिए .

अजमोदादि चूर्ण के लाभ और गुण 

1 ) - शरीर के किसी हिस्से में  दर्द  के कारण  सूजन हो जाये तो इस चूर्ण से बहुत फायदा होता है |

2 ) - बबासीर  की दर्द ,जंघा की दर्द ,गुदा की दर्द ,सभी दर्दों में इस चूर्ण का प्रयोग किया जा सकता है

3 ) - इस चूर्ण में कृमि नाशक गुण होने से आमवात और पेट जन्य रोगोंमें  में  बहुत लाभकारी है .

4 ) - यह चूर्ण दीपन और पाचन होने के कारण भोजन को अच्छी तरह पचाता  है और खाने में रूचि लाता  है .

5 ) - इसके सेवन से जठराग्नि प्रदीप्त हो जाती है  भूख खुल कर लगती  है |

6 ) - यह चूर्ण गंठिया रोग के लिए बहुत लाभकारी है |


अजमोदादि चूर्ण की कीमत क्या है :-

अजमोदादि चूर्ण कई कोम्पनिओ द्वारा बनाया जाता है इस लिए हर एक का अपना अलग रेट और प्राइस होता है .आप अपने विश्वसनीय निर्माता द्वारा बनाई गयी अजमोदादि चूर्ण खरीद सकते .ज्यादातर अजमोदादि चूर्ण    100  ग्राम की   कीमत 50  से 60  रुपय तक हो सकती है |

final words : - 

इस लेख में बताई गयी किसी भी औषधि का प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें |


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