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Tuesday, February 23, 2021

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 कुटजारिष्ट  घटक फायदे  [ kutjarisht ingredient in hindi ] कुटजारिष्ट सेवन विधि कुटजारिष्ट के सेवन से पुराणी पेचिस (संग्रहणी ) पेचिस के साथ खून आना ,पेट के कीड़े आंव  के साथ मल आना ,पेट में दर्द रहना दस्त करते समय आंतों में असहनीय दर्द होना ,कुछ हफ़्तों तक लगातार सेवन से दस्त सामन्य होने लगते हैं. 


kutjarisht in hindi


kutjarisht ingredient in hindi  कुटजारिष्ट  घटक

कूड़े की छल 5  किलो 

महुए के फूल  400  ग्राम 

गंभारी  400  ग्राम 

गुड़   5  किलो 

धाय के फूल  1  किलो 


कुटजारिष्ट सेवन विधि 

 कुटजारिष्ट रोगी की आयु और बल देखकर 10  ml   यां   20  ml  बराबर जल मिलकार भोजन से एक घंटा बाद दिन में डोर पिलाना चाहिए .

कुटजारिष्ट के लाभ    kutjarisht ke fayede in hindi 

  1. कुटजारिष्ट पेट से आंव को ख़तम करती है .
  2. दस्त के साथ रक्त आने पर कुटजारिष्ट से फायदा मिलता है .
  3. कुटजारिष्ट  मरोड़ के साथ दस्त आने को ठीक करता है .
  4. पाचक पिट की दुर्बलता को ख़तम करता है .
  5. कुटजारिष्ट के सेवन से पिट उत्तेजित हो जाता है .
  6. जिससे खाया हुआ भोजन जल्दी से पचने लगता है .
  7. कुटजारिष्ट के सेवन से जठराग्नि प्रदीप्त हो जाती है. 
  8. कुटजारिष्ट  के सेवन से बच्चों की छाती में जमा हुआ कफ ढीला होकर निकल जाता है .
  9. बच्चों की कफ जन्य खांसी में इसका सेवन कराया जाता है .
  10. इसके सेवन से पाचन क्रिया में सुधर होता है .
  11. कुटजारिष्ट रोगजनक सूक्षम जीवों को रोकक्र पेचिस को ठीक करता है .
  12. दाह अर्थात सूजन को ख़तम करता है . 
  13. दाह अर्थात सूजन को कम  करता है . 
  14. पेट को तर रखने के लिए और आंत्र अलसर  को ठीक करता है .

दस्त के साथ आंव आना 

बरसात के दिनों में या बाजार से अपथ्य खा लेने से पेट में आंव पैदा हो जाती  है ,ये आंव धीरे धीरे पेट में इन्फेक्शन कर देती है ,शुरू शुरू में तो मल के साथ सिर्फ आंव ही आती है बाद में दस्त के साथ खून भी आने लगता है, कुटजारिष्ट में कृमिनाशक गुण होने से ये पेट की आंव को ख़तम कर देती है और पेचिस जैसी गंभीर  बीमारी को जड़ से ख़तम कर देती है .


पुराणी पेचिस के लिए 

पुराणी पेचिस अर्थात संग्रहणी रोग में रोगी की दस्त ठीक होने का नाम ही नहीं  लेती दिन में दिन चार बार दस्त तो जरूर आ जाता है . कुछ भी खाने के तुरंत बाद आंव युक्त दस्त आना , दस्त करते समय आंतो में ऐठन होना .जिस कारन बुखार भी हो जाता है .भोजन में अरुचि होने लगती है , इन  सब व्यधिओ के निवारण के लिए कुटजारिष्ट बहुत फायदेमंद है .

बच्चों की खांसी में फायदेमंद 

कुटजारिष्ट में कफ को ढीला करके शरीर से बहार निकालने के गुण होने के कारण ये छोटे बच्चों की कफ जन्य खांसी में भी लाभकारी है .इसके सेवन से बलगमी खांसी ठीक हो जाती है .

जठराग्नि को प्रदीप्त  करता है 

पेट की ज्यादातर समस्या तभी शुरू होती है , जब भोजन सही से न पचे, अधपचा भोजन आंतडिओं  में सड़ने लगता है .भोजन सही न पचने का मुख्य कारण है पित का सही तरीके से काम न करना या पित का स्त्राव सुचारु रूप से न होने पर भोजन को पचने में बहुत समय लगता है .कुटजारिष्ट के सेवन से पाचक पित उत्तेजित हो जाता है जठराग्नि   प्रदीप्त हो जाती है पाचन क्रिया ठीक हो जाती है .

final words:-

अक्सर देखा गया है की रोग का सुधार होने पर रोगी इसका सेवन भी बंद कर देता है . जिस कारण रोग दोबारा से अपना असर दिखाना शुरू कर देता है .रोग के समूल नाश के लिए कुटजारिष्ट का सेवन कुछ  महीनो तक लगातार करना चाहिए 

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