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Wednesday, March 17, 2021

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 तक्रारिष्ट के फायदे और नुक्सान तक्र अर्थात छाछ से बनी ये अरिष्ट पेट की आंतों की कमजोरी संग्रहणी , अतिसार अनपच ,रस रक्तादि धातुओं की कमी को दूर करने के लिए बहुत ही लाभदायक है .तक्रारिष्ट एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसमे बहुत सामन्य घटक द्रव्यों का प्रयोग किया गया है . जिनका विवरण निचे दिया गया है .

takrarisht benefits price in hindi


तक्रारिष्ट के उपयोग हिंदी में 

  • बवासीर / अर्श
  • कृमि संक्रमण
  • भूख में कमी
  • संवेदनशील आंत की बीमारी
  • ग्रैहानी (Malabsorption syndrome), कमजोर आंतें
  • जीर्ण दस्त, अतिसार
  • बिगड़ा हुआ पाचन, पेट में दर्द, कमजोरी, सामान्य सूजन
  • पाचन की कमजोरी को ठीक करता है
  • यकृत समारोह में सुधार करता है
  • वजन में कमी / मोटापा

तक्रारिष्ट घटक द्रव्य  tkrarisht ingredients in hindi    

  1. काला नमक  48  ग्राम 
  2. सेंधा नमक   48  ग्राम 
  3. समुद्री नमक   48  ग्राम 
  4. सोंचाल नमक   48  ग्राम 
  5. विड नमक   48  ग्राम 
  6. अजवाइन 144  ग्राम 
  7. हर्रें   144  ग्राम 
  8. आमला   144  ग्राम 
  9. काली मिर्च   144  ग्राम 
  10. छाछ  6  किलो 

सभी सामग्रीओं को पीस कर छाछ में डाल कर एक महीने तक रखें उसके बाद छान कर सुरक्षित रख डालें .

सेवन विधि 

एक तोला से दो तोला बराबर जल मिलाकर पियें .

तक्रारिष्ट की प्राइस क्या है 

बहुत सारी  कम्पनिया   तक्रारिष्ट का निर्माण करती है , जैसे की पतंजलि , बैद्यनाथ , zandu , आदि सभी ने अपनी सामर्थ्य अनुसार इसकी कीमत तय की है , परन्तु ाको ये अरिष्ट लगभग 180  रुपय  450ml  की कीमत से मिल सकती है 

तक्रारिष्ट के फायदे

अतिसार और गृहणी रोग में जब रागी बहुत ज्यादा कमजोर हो जाये किसिद्धासे लाभ न मिले ,पेट की आंतें कमजोर हो जाएँ और अधपचा अन्न पेट से बहार निकल जाये तो इस अरिष्ट का सेवन करवाना चाहिए .

  1. तक्रारिष्ट पतले दस्त अनपच दस्त को ठीक करने के लिए लाभकारी है .
  2. इसके सेवन से भूख सामन्य हो जाती है भोजन पचने लगता है .
  3. शरीर की सूजन हाथ पाऊँ की सूजन को कम करनेव लिए भी इसका उपयोग लाभदायक है .
  4. तक्रारिष्ट जठरागिनी और पेट की अग्नि को प्रदीपित कर के मंदगिनी को नष्ट करती है .
  5. इसके सेवन से यकृत की क्रिया उत्तेजित हो जाती है .
  6. तक्रारिष्ट के सेवन से पाचन रस का स्त्राव अधिक होने लगता है .
  7. पतले दस्त आना बंद हो जाते है ,दस्त बंध  कर आने लगते है .
  8. ये अरिष्ट कमजोरी और रास रक्तादि धुओं की कमी को दूर करता है .

final words :- 

ये गुल्म ,अर्श ,बवासीर ,कृमि गृहणी अतिसार उदर रोगों को नष्ट करता है .पेचिस ,पेट की जलन ,हाथ पाओं की सूजन,पाचन क्रिया को ठीक करके  शरीर में रसक्तादि धातुओं  की कमी को दूर करता है .

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