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तालीसादि चूर्ण talisadi churan fayede hindi me

author photo May 22, 2021

 तालीसादि चूर्ण का प्रयोग तब किया जाता है जब छाती में जमा हुआ कफ और खांसी  किसी भी औषधि से लाभ न हो .बरसात में भीगने पर , या ठण्ड के मौसम में छाती में बलगम जम जाता है , उसके इलाज के लिए सभी लोग ज्यादातर अलोपथी दवाई और एंटीबायोटिक्स का सेवन करते हैं. उससे खांसी तो थी हो जाती है लेकिन कफ , बलगम छाती में जम जाता है जो निकलने का नाम नहीं लेता .

talisadi churan ke fayede



बात या पिट प्रकोप के कारन कम सूख कर छाती में बैठ जाता है ,उस से रोगी को सुखी खांसी होती है थोड़ा सा जमा हुआ पीला बलगम कफ बहार निकलता है तो रोगी को रहत महसूस होती है .परन्तु कुछ देर बाद फिर से खांसी शुरू हो जाती है , खांसते खांसते छाती में दर्द उठने लगता है , पेट की नसों में दर्द हो जाता है . रोग  की इस अवस्था  में तालीसादि चूर्ण का सेवन रोगी को करवाना चाहिए .


तालीसादि चूर्ण के सेवन से छाती में जमा हुआ कफ पिघल कर बाहर निकल जाता है .पिट की गर्मी शांत हो जाती है .बलगम बाहर निकल जाने से खांसी भी ठीक हो जाती है .

तालीसादि चूर्ण घटक talisadi churan ingredient

  1. तालीस पत्र एक 12  ग्राम 
  2. काली मिर्च 24  ग्राम
  3. सोंठ 36  ग्राम 
  4. पीपल 48 ग्राम
  5. वंश लोचन 24 ग्राम
  6. छोटी इलाची 6 ग्राम 
  7. दालचीनी 6 ग्राम 
  8. मिश्री 400  ग्राम 


तालीसादि चूरन कैसे बनाये :-

सभी सामग्री को बारीक पीस कर उसमे मिश्री मिलकर फिर बारीक चूरन बनाये . इस बने हुए कुरान को कांच एयर टाइट की शीशी में डाल कर रख लें .


तालीसादि चूर्ण मात्रा और सेवन विधि 

२ ग्राम से ३ ग्राम तक सभा शाम शहद या ताजे जल के साथ भोजनके एक घंटा बाद सेवन करें .


तालीसादि चूर्ण के फायदे :-

  • तालीसादि चूर्ण  छाती में जमा हुआ बलगम बाहर निकाल देता है 
  • तालीसादि चूर्ण पाचक और रुचिकर है .
  • सुखी खांसी में इस चूर्ण का सेवन करवाया जाता है .
  • कुकुर खांसी में तालीसादि चूर्ण फायदेमंद होता है .
  • शुष्क खांसी में शहद यां अदरक के रस के साथ चटाना चाहिए .
  • मौसमी खांसी में भी इसका चूर्ण गुणकारी होता है .
  • इसके सेवन से भूख बढ़ती है अपच ठीक हो जाता है .
  • पेट की गैस निकालने के लिए , अजवाइन का चूर्ण  मिलाकर सेवन करें. 
  • अफारा रोग में तालीसादि चूर्ण खाने से पेट हल्का हो जाता है .
  • मिर्गी रोग में तालीसादि चूर्ण एक  ग्राम बच चूर्ण एक ग्राम शहद के साथ सेवन करवाएं 
  • bronchitis ब्रोंकाइटिस रोग में भी ये चूर्ण लाभकृत  है 
  • पेट दर्द में इस चूर्ण में काला  नमक मिला करा खाना चाहिए 

साबधानी : - 

इस चूर्ण के कोई साइड इफ़ेक्ट देखने को नहीं मिले फिर कोई भी औषधि सेवन करने से आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श करने की सलाह हम जरूर देते हैं .

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