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तीक्षणविरेचन चूर्ण tikshanvirechan churan

 तीक्षणविरेचन चूर्ण जबरदस्त कब्ज की आयुर्वेदिक दवाई कौन सी है , कब्ज कैसे ठीक करें कबज  के लिए घरेलु नुस्खा , कॉन्स्टिपेशन मेडिसिन इन हिंदी , दोस्तों अगर आप भी ये सर्च कर रहे है .तो  हमारी वेबसाइट में आपका स्वागत है .


कब्ज की आयुर्वेदिक दवाई


यहाँ से आपको आयुर्वेद की हर दवा की जानकारी मिल जाएगी ,आज आप कबज की दवाई को जानना चाहते है तो आपको बता दें की तीक्षण विरेचन आयुर्वेद की  एक ऐसी दवा है जिसकी मात्र एक खुराक खाने से ५-७ दिनों से रुका हुआ मल बहार निकल जाता है .



तीक्षणविरेचन चूर्ण के घटक 

  1. इन्द्रायण की जड़  12  ग्राम 
  2. निशोध   24  ग्राम 
  3. कालादाना  भुना हुआ  24  ग्राम 
  4. सनाय की पत्ती   24  ग्राम 
  5. हरड़ का छिलका 12  ग्राम 
  6. काला नमक  12  ग्राम 
तीक्षणविरेचन चूर्ण बनाने की विधि :-

सभी सामग्रीओं को अच्छी तरह सूखा लें और फिर मिक्सर या हम दस्ते की मदद से कूट कर  बारीक चूर्ण बनाये उसके बाद इस पीसे हुए चूर्ण को  कडप छान करें .और शीशी में बंद का के  रख लें .


तीक्षण विरेचन चूर्ण के फायदे :-

कबज कई प्रकार की होती है ,किसी किसी को लकड़ी  की छोटी छोटी गोलियों की तरह सख्त मल होता है ,जिससे रोगी को बहुत तकलीफ होती है.कुछ रोगी तो ऐसे होते है जिन्हे कई कई दिनों तक मल त्याग नहीं होता . कबज कैसी भी कितनी भी पुराणी हो इस चूरन के सेवन से लाभ जरूर मिलता है .


साबधानी :- 

इस चूरन के सेवन के कुछ मिनटों के बाद मल त्याग  की इच्छा होने लगती है , हो सकता है इस चूर्ण के सेवन से आठ - दस   बार बाहर जाना पड़े . इस लिए तीक्षणविरेचन चूर्ण का प्रयोग साबधानी पूर्वक और लिसी योग्य वैद्य की देख रेख में करना चाहिए .

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