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triphla churan ke fayede

त्रिफला चूर्ण का प्रयोग मूत्र विकार, कबज , रक्त विकारों को दूर करने के लिए ,रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है तथा विषम ज्वर में भी इसका सेवन करवाया जाता है .

triphla churan ke fayede or labh


 त्रिफला के घटक  triphla ingredient in hindi 

हरड़  100  ग्राम 

बहेड़ा का छिलका  100  ग्राम 

आमला  गुठली निकला हुआ  100  ग्राम 


त्रिफला चूर्ण घर पर कैसे बनाये :-

.ऊपर बताई गयी सभी औषधिओं को पंसारी की दूकान से खरीद कर 

इन सभी को छाओं में सूखा कर ग्रीडर से बारीक पिसवा लें . और डिब्बे में भर कर सुरक्षित रख लें 


मात्रा और सेवन विधि :- 

3  ग्राम से 5 ग्राम तक शाम के समय गुण गुणे दूध के साथ या हलके गर्म पानी के साथ लगातार तीन महीने तक सेवन करने से आश्चर्यचकित लाभ होता है .


त्रिफला चूर्ण के फायदे :- 

  • सेवन करने से आश्चर्यचकित लाभ होता है .
  • कबज और पेट सम्बन्धी   विकारो को दूर करता है .
  • त्रिफला चूर्ण के  सेवन से कोलेस्ट्रॉल लेवल सामान्य  होने लगता है .
  • त्रिफला में अमला का संजोग होने से हृदय को बल देता है
  • पाचन तंत्र को स्वस्थ बनता है 
  • रक्तचाप को सामन्य लाता है 
  • पेट की गैस को ख़तम करने के लिए  त्रिफला का 50ml पानी सुबहा खली पेट पीना चाहिए 
  • बालों को काला घना और चमकदार बनाने के लिए त्रिफला का सेवन उचित है 
  • शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है 
  • किडनी लिवर और फेफड़ों  को डेटोक्सिक कर के उन्हें स्वस्थ बनता है .
  •  दिमाग को ठंडा रखता है 

महाऔषधि त्रिफला के चमत्कारी लाभ 
  1. मधुमेह रोगिओं में  इसका सेवन लाभदायक है 
  2. त्रिफला चूर्ण के सेवन से रक्त में गलूकोज लेवल कम हो जाता है 
  3. त्रिफला चूर्ण के सेवन से आँखों की लालिमा ठीक हो जाती है .
  4. इस चूर्ण के सेवन से दृष्टि तेज हो जाती है .
  5. जिन लोगो को धुंदला दिखाई देता है उन्हें इसके सेवन से लाभ होता है 
  6. त्रिफला चूर्ण वायरस और  बैक्टीरिया से शरीर को बचता है .
  7. इसमें ज्वर को कम करने के गुण भी पाए जातें है 
  8. ऑक्सीजन लेवल को सामन्य रखने के लिए त्रिफला चूर्ण उचित औषधि है 
  9. त्रिफला चूर्ण रक्त के माध्यम से प्रत्येक अंग में ऑक्सीजन पहुंचता है .
  10. गर्मिओं के दिनों में चक्कर आना आँखों के आगे अँधेरा छाना को ठीक करता है 
  11. गरभवशता में इसका सेवन लाभकारी सिद्ध होता है .


कबज को दूर करे :- 

त्रिफला चूर्ण में  हरड़ की मात्रा होने से हलका मृदु विरेचन का काम करता है .जोर लगाकर मल त्यागने की क्रिया  में सुधार करता है .तनाव और सारा दिन एक जघा बैठे रहने से पाचन क्रिया गड़बड़ा जाती है .और कबज की शिकायत हो जाती है . त्रिफला चूर्ण इन सभी व्यधिओं को दूर करता है . रात को सोने से दो घंटा पहले एक चमच त्रिफला चूर्ण गुण गुणे पानी के साथ सेवन करना शुरू कर दें . कुछ हफ़्तों बाद आपको चमत्कारी लाभ दिखेगा . कबज बिलकुल ठीक हो जाएगी आँखों की रौशनी बढ़ जाएगी .चेहरे पे रौनक आ जाएगी .


मूत्र विकार  को ठीक करता है :-

गर्मिओं के दिनों में कम पानी पीने, धुप में अधिक घूमने , या गर्म तासीर के खाद्य पदार्थो का सेवन करने से पेंशन में जलन होने लगती मूत्र बूँद बूँद कर के आने लगता है , या पीला पेशाव आता है . त्रिफला चूर्ण की तासीर ठंडी होती है .एक दो दिन इसका सेवन करने से पेशाव खुल कर आता है मूत्र सम्बन्धी सभी विकार दूर हो जाते हैं .

आँखों के लिए लाभकारी :-

दो तीन महीनो तक त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से आँखों की दृष्टि सामन्य हो जाती है , इसका चूर्ण और त्रिफला का पानी दोनों आँखों की ज्योति , मोतिबिन्द , कंजंक्टिवाइटिस  को ठीक करता है .


त्वचा रोग की अमूल्य औषधि :-

त्रिफला रक्त की गर्मी को दूर करके त्वचा  सम्बन्धी बहुत सारे विकारों को ठीक कर देता है .त्रिफला चूर्ण रक्त विकारों को दूर करके त्वचा सम्बन्धी रोगो को ठीक करने में सहायक है .इसके सेवन से दाद ख़ास खुजली , फोड़े फुंसी , पित विकार को भी की वृद्धि को कम करता है .

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