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गुरु तेग बहादुर अनमोल वचन सुविचार Guru Teg Bahadur Quotes Hindi

  श्री गुरु तेग बहादुर  जी का प्रकाश उत्सव 14  अप्रैल 2022, गुरु तेग बहादुर जी का जनम दिवस 21 अप्रैल, Guru Teg Bahadur Shahidi Diwas 24 november. guru teg bahardur  Quotes in Hindi guru teg bahadur Quotes गुरु तेग बहादुर जी के सुविचार फोटो सहित  24  नवंबर दिन बुधवार को श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस मनाया जाता है ये दिन सिख पंथ के लिए बहुत बड़ा दिन है .ये दिन हिन्दू धर्म  के लिए भी बहुत मान्यता रखता है 


क्यों की त्याग और बलिदान के प्रतीक श्री गुरु तेग बहादुर जी ने हिन्दुस्थान और धर्म की रक्षा के लिए अपना आप बलिदान कर दिया. इस लिए बाबा तेग बहादुर जी को हिन्द की चादर भी कहा जाता है. इन्हें सिख पंथ के नौवें गुरु का दर्जा प्राप्त है। तो चलिए आपको गुरु तेग बहादुर जी के अनमोल विचार पढ़ते है .


हे संतों, अहंकार का त्याग करो, और हमेशा काम, क्रोध और बुरी संगत से दूर भागो। सुख-दुख, मान-अपमान को समान समझना चाहिए

 (  Guru Teg Bahadur )


साधक  को स्तुति और दोष दोनों का त्याग करना चाहिए और यहां तक कि मोक्ष की खोज भी करनी चाहिए

 (  Guru Teg Bahadur )


 जिस योगी के मन में लोभ, धन और सांसारिक वस्तुओं के प्रति आसक्ति दिखाई देती है, वह योगी नहीं है

 ( गुरु तेग बहादुर )


ऐसा व्यक्ति जिसने अपने बेचैन मन को स्थिर कर लिया है, वही मोक्ष को प्राप्त करता है 

 ( गुरु तेग बहादुर )


सुबह के अमृतमय घंटों में ईश्वर के नाम और उनकी महिमा पर ध्यान करो 

 (  Guru Teg Bahadur )


साधको  मन से  अभिमान को त्यागें। दिन-रात काम, क्रोध और दुष्टों के संग से भागो

 ( गुरु तेग बहादुर )


अध्यात्म एक बहुत ही कठिन मार्ग है और एक गुरुमुख (धर्मपरायण ) ही इस मार्ग पर चलता है पर ऐसा व्यक्ति दुर्लभ है

 ( गुरु तेग बहादुर )


जिसका मन वश में नहीं है, उसे तीर्थों और उपवासों का कोई फल नहीं मिलेगा, यह सत्य मैं कहता हूँ

 (  Guru Teg Bahadur )


जब दयालु गुरु शिष्य को अपनी कृपा से आशीर्वाद देते हैं, तभी शिष्य इस  आध्यात्मिक की उच्च स्थिति को प्राप्त करता है और भगवान के साथ जल के एक रूप होता है

 ( गुरु तेग बहादुर )


हे साधको , परमेश्वर का गुण गाओ; आपको अमूल्य मानव जन्म मिला है इसे बर्बाद न करें? 

 ( गुरु तेग बहादुर )


पापियों को शुद्ध करने वाले और पवित्र लोगों की सहायता करने वाले परमेश्वर का ध्यान करो

 ( गुरु तेग बहादुर )


उसे क्यों भूल गए  जिसके स्मरण से हाथी ने अपना भय दूर किया

 (  Guru Teg Bahadur )


धन के   मोह और अहंकार का त्याग करें और अपने हृदय को ईश्वर के ध्यान  में लगा दें। नानक कहते हैं, यही  मोक्ष का मार्ग है - गुरु की शिक्षाओं के माध्यम से इसे खोजें 

 ( गुरु तेग बहादुर )


सच्चे साधक को  विश्राम तभी मिलता है जब मनुष्य हरि का आश्रय ढूंढ़ता है और पाता है 

 ( गुरु तेग बहादुर )


जिस व्यक्ति को लोभ, मोह, धन, आधिपत्य की भावना और कामुक भोगों में लिप्तता आकर्षित नहीं करती है और जिसके लिए सुख और दर्द समान हैं, वह परमात्मा  का ही रूप है  

 ( गुरु तेग बहादुर )


ज्ञानी व्यक्ति वह है जिनके लिए स्तुति और अपयश   समान हैं, और जिन पर लोभ और मोह का कोई प्रभाव नहीं पड़ता

 ( गुरु तेग बहादुर )


जो ईश्वर का ध्यान नहीं करता ,उसके पास सभी सुख सुविधा होने पर भी उसका जीवन बर्बाद समझा जायेगा 

 ( गुरु तेग बहादुर )


कोई सज्जन यदि  ईश्वर का ध्यान नहीं करता तो पवित्र स्थानों पर स्नान और उपवास का कोई फायदा नहीं है

 ( गुरु तेग बहादुर )


हरि के नाम के बिना मनुष्य दु:खों के अधीन है

 ( गुरु तेग बहादुर )


भक्ति के बिना संशय मिटता नहीं है  इस रहस्य को गुरु ने प्रकट किया है

 ( गुरु तेग बहादुर )


बहादुरी डर की गैरमौजूदगी नही, बहादुरी इस बात का  फैसला है कि डर से भी ज़रूरी कुछ है

 ( गुरु तेग बहादुर )


एक सज्जन व्यक्ति वह है जो अनजाने में भी किसी की भावनाओ को ठेस ना पहुंचाए

 ( गुरु तेग बहादुर )

गुरु तेग बहादुर फोटो सुविचार

गलतियां तभी क्षमा की जा सकती हैं, यदि आपके पास उन्हें स्वीकारने का साहस हो

 ( गुरु तेग बहादुर )


जीत  और हार आपकी सोच पर ही निर्भर है, मान लो तो हार है ठान लो तो जीत है

 ( गुरु तेग बहादुर )


हर एक जीवित प्राणी के प्रति दया रखो किसी से घृणा करने पर आपका ही विनाश होगा 

 ( गुरु तेग बहादुर )


साहस ऐसी जगह पाया जाता है जहां उसकी संभावना कम हो 

 ( गुरु तेग बहादुर )


डर कहीं और नहीं, बस आपके दिमाग में होता है

 ( गुरु तेग बहादुर )


नानक कहते हैं, जो अपने अहंकार को जीतता है  सभी प्राणिओ में एकमात्र द्वार के रूप में भगवान को देखता है,  वही व्यक्ति  मोक्ष प्राप्त किया है,

 ( गुरु तेग बहादुर )


अध्यात्म मार्ग पर दो सबसे कठिन परीक्षा है  एक सही समय की प्रतीक्षा करने का धैर्य और दूसरी जो आपके पास है उससे  निराश ना होने का साहस

 ( गुरु तेग बहादुर )


भौतिक संसार की वास्तविक प्रकृति का सही अहसास, इसके विनाशकारी, क्षणिक और भ्रमपूर्ण पहलुओं को  पीड़ित व्यक्ति पर सबसे अच्छा लगता है 

 ( गुरु तेग बहादुर )


जो प्रबुद्ध है उसके लिए प्रशंसा और विवाद समान हैं वह दुःख  और सुख  में सम रहता है  लालच और लगाव का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है 

 ( गुरु तेग बहादुर )


अपना अहंकार  छोड़ दो,  लेकिन उन लोगों का त्याग न करें  जिन्हें आपने रक्षा करने के लिए किया है। अपने जीवन का बलिदान करें, लेकिन अपने विश्वास को न त्यागें 

 ( गुरु तेग बहादुर )

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