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पांच सिरों वाली नागिन की कहानी Hindi kahani Panch sir wali nagin

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 एक समय की बात है एक राजा था. एक बार उस राजा के मन में पूरे संसार को देखने की इच्छा हुई उसने अपने सारे लोगों को इकट्ठा किया और अपने पानी के जहाज पर घूमने चल दिया. 

वे लोग जब तक चलती रहे तब तक उनको चारों तरफ पेड़ों से घिरा हुआ हरा भरा एक टापू मिल गया उस टापू पर हर पेड़ के नीचे एक नाग बैठा हुआ था जैसे ही राजा ने अपने लोगों को इस टापू पर उतरने को कहा सभी नाग फन फैलाकर खड़े हो गए और राजा के लोगों पर आक्रमण करने के लिए तैयार हो गए. 

पांच सिरों वाली नागिन की कहानी


नागो और राजा के लोगों के बीच में बहुत सारी लड़ाई हुई और किसी तरह राजा के सैनिकों ने उन जंगली नागों को अपने नियंत्रण में कर लिया लेकिन इस लड़ाई में ज्यादा से ज्यादा राजा के सैनिक मारे गए थे आखिरकार जो लोग बच रहे थे वे उस टापू में बने जंगल की दूसरी तरफ से जहां पर बहुत ही खूबसूरत बगीचा लगा हुआ था. 



जिसमें संसार के सभी खूबसूरत पेड़ पौधे लगे हुए थे और वहां जो सबसे आश्चर्यजनक बात थी वह थी उस बगीचे में रखे हुए तीन बक्से जिसमें से एक में चांदी थी दूसरे में सोना और तीसरे में मोती राजा के सेनिको ने जैसे ही यह देखा उन्होंने अपने अपने थैले खोलकर इन सभी कीमती चीजों को उस में भरना शुरू कर दिया कुछ आगे चलने पर उन्होंने इस बगीचे के बीच में एक बहुत बड़ी झील को देखा और जब वे झील के किनारे पहुंचे तो अचानक बड़े ही हैरान हो गए क्योंकि झील उनसे बातें कर रही थी झील ने कहा - तुम लोग कौन हो तुम्हें यहां कौन लाया है क्या तुम हमारी राजा को देखने के लिए आए हो.


लेकिन झील को बाते करते देख राजा और राजा के लोग बड़े ही डर गए थे. इसलिए उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया यह देखकर वे झील फिर से बोली - तुम्हे डरना की चाहिए क्योंकि यह तुम्हारा दुर्भाग्य है जो तुम्हें यहां ले आया है हमारी राजा एक खतरनाक सांप है और उनके पांच सिर है अभी वह सो रहे हैं लेकिन कुछ ही समय के बाद वे जाग जाएंगे और यहां मेरे अंदर नहाने आएंगे अगर उन्होंने तुम्हें यहां देखा तो वह तुम्हें खा जाएंगे तुम्हे उनसे कोई नहीं बचा सकता लेकिन अगर तुम उनसे बचना चाहते हो तो केवल एक ही रास्ता है तुम अपने कपड़े उतार कर राजा के महल से लेकर झील तक के रास्ते में बिछा दो, जब उनके पैरों में मुलायम मुलायम लगेगा तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा और मैं बहुत खुश हो जाएंगे और उन्हें तुम पर क्रोध नहीं आएगा मैं तुम्हें कोई छोटी मोटी सजा देंगे और तुम्हें वापस जाने देंगे। 


झील की बात सुनकर राजा और राजा के सिपाहियों ने ऐसा ही किया और उस 5 सिर वाले सांप के आने का इंतजार करने लगे.


थोड़ी ही देर में धरती कांपने लगी और कई जगह से धरती फट गई जहां जहां से धरती फटी थी वहां से शेर चीते और जंगली जानवर बाहर निकल निकल कर राजा के महल के चारों तरफ खड़े होने लगे और देखते ही देखते उस 5 सिर वाले सांप राजा के चारों तरफ करोड़ों की संख्या में जंगली जानवर इकट्ठा हो गई.


जब वह 5 सरो वाला भयंकर सांप कपड़ों के ऊपर से रेंगता हुआ आगे बढ़ रहा था तो उसे महसूस हुआ कि रास्ते में कुछ मुलायम चीज पड़ी है जो हमसे बोला - वह कौन है जिसने यह किया है यह क्या चीज है.


राजा और राजा के लोगों का तो डर के मारे बुरा हाल हो गया लेकिन झील ने कहा - महाराज आपकी सेवा में यह उन लोगों ने किया है जो आपको देखने आए हैं साँप ने जोर से फुक्कार मारते हुए कहा - उन्हें मेरे सामने लाया जाए.


राजा अपने सिपाहियों के साथ सांप के सामने आया और उसने थोड़े से सब्दो में अपनी साडी कहानी राजा को बतादी। उसकी कहानी सुनने के बादबड़ी ही खूंखार और खतरनाक आवाज में साँप बोला - तुमने यहाँ आने की हिम्मत करी है तुमको इसकी सजा मिलेगी हर साल अब तुमको तुम्हे अपने राज्य से 5 जवान लड़के और 5 जवान लड़कियां यहां लानी पड़ेगी मेरी सेवा करने। अगर तुमने ऐसा नहीं करा तो मैं इस संसार को बर्बाद कर दूंगा।


उसके बाद सांप ने अपनी जंगली जानवर को राजा और राजा के सैनिकों को रास्ता दिखाने के लिए कहा और उन्हें यहां से चले जाने के लिए कहा.


वे जल्दी ही अपने देश वापस लौट गए 1 साल पूरा हो गया राजा 5 लड़के और लड़कियों का इंतजार करने लगा दूसरी तरफ राजा ने 5 लड़के और 5 लड़कियों को देश के लिए जान देने के लिए आमंत्रित किया और देखते ही देखते हजारों लड़के लड़कियां इस काम के लिए आगे आ गए. 


राजा ने एक नया पानी का जहाज बनवाया और 10 लड़के और लड़कियों को उस जहाज पर बैठाकर देश से बाहर कर दिया। जल्दी ही पानी का जहाज टापू पर पहुंच गया और जब 10 लड़के लड़कियां उस टापू पर उतरे किसी शेर ने उन पर हमला नहीं करा और वे लोग आसानी से झील तक पहुंच गए.


इस बार झील ने भी उनसे कोई बात नहीं करी वे चुप चाप  बैठ कर इंतजार करने लगी कुछ ही देर के बाद सपो का राजा आया उसने वहां लड़के और लड़कियों को बैठे हुए देखा और एक ही बार में उनको निकल लिया।


कई सालो तक ऐसा होता रहा दूसरी तरफ राजा का एक बेटा हुआ और उसे जन्म देते देते महारानी की मृत्यु हो गई. वह बच्चा धीरे-धीरे बड़ा होने लगा जब मैं 5 साल का था तो अचानक एक बूढ़ी औरत महल में आई कि वह राजकुमार की देखभाल करना चाहती है राजा ने बूढ़ी औरत को राजकुमार की देखभाल करने की इजाजत दे दी. 


बूढ़ी औरत ने उसे बहुत प्यार से पाल पोस कर बड़ा किया और उसे हर तरह की विद्या सिखाई जब वह 18 साल का हो गया तो उस बूढ़ी औरत ने राजकुमार से कहा - मैं तुम्हारे पास एक बहुत बड़े काम के लिए आई हूं तुम्हें इस संसार को एक बहुत बड़े खतरनाक सांप से मुक्त करना है मैं तुम्हें इसका रास्ता बताऊंगी असलियत में मैं उस सांप के महल में काम करने वाली दासी हूं लेकिन कई सालों से सांप को बिना किसी गुनाह के भोले-भाले लड़के लड़कियों को खाते हुए देख रही हूं उनकी दर्दनाक चीखें सुनकर मुझे बहुत तकलीफ होती है इसलिए मैं चाहती हूं तुम मुझसे सजा दो. 


राजकुमार उस बूढ़ी औरत को अपनी मां के समान प्यार करता था और उसे यह भी पता था कि हर साल उसके राज्य से 10 लड़के और लड़कियों को देश की रक्षा के लिए देश से बाहर जाना होता है जहां पर कोई खतरनाक सांप उन्हें खा जाता है इसलिए उस सांप को मृत्यु दंड देकर अपने प्रजा वासियों को बचाना चाहता था. 


वह बोला - जल्दी बताओ मैं क्या करूं जिसके कारण से खतरनाक सांप मर सकता है और मैं अपनी प्रजा वासियों की रक्षा कर सकता हूं. 


बुढ़िया बोली - मैं तुम्हें एक गुप्त रास्ता दिखाउंगी तुम उससे अंदर चले जाना वहां से तुम सीधे सांपों के राजा के महल में पहुंच जाओगे तुम्हे दिखाई पड़ेगा कि वह एक ऐसे पलंग पर सोता है जो पूरी तरह से घंटियों से बना है उसे पलंग के ऊपर एक तलवार तंगी ह उस तलवार से ही उसका खात्मा हो सकता है. वह जादुई तलवार है अगर वह टूट भी गई तो फिर से बन जाती है तुम धीरे से उसके ऊपर जाना ताकि घंटों में आवाज ना इसलिए तुम पहले अच्छी तरह से रुई भर देना फिर पलंग पर चढ़ के उस तलवार निकाल लेना और धीरे से उसकी पूछ पर मार देना वह तुरंत जग जाएगा वह जैसे ही जाएगा अपने सारे फ़न फैला देगा लेकिन इससे पहले कि वह तुम्हें देखें तुम उसके सारे सिरोको काट देना।


राजकुमार ने बुढ़िया की बात मानी और बताए गए रास्ते पर चल दिया जल्दी ही वह साँप के महल में पहुंच गया. वहा उसने वही किया जो बुढ़िया ने उसे बताया था सारी घंटियों में रुई भर कर पलंग के ऊपर तंगी तलवार उठाई और सांप के जागते ही एक ही झटके में उसके पांचो सर काट दिए.


सप के मरते ही पूरे महल पर राजकुमार का राज हो गया सभी जंगली जानवर सिर झुका कर राजकुमार के सामने बैठ गए राजकुमार ने मरे हुए सांप के शरीर को झील में डाल दिया और इस टापू को भी अपनी राज्य की सीमा में मिला दिया राजकुमार की बहादुरी से राजा की प्रजा हमेशा के लिए सांप की दहशत से मुक्त हो गई और सब आराम से रहने लगे.


 हमें बताये की अपने इस कहानी से क्या सीखा।

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