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सोने की चिड़ियाहिंदी कहानी Sone ki chidiya ki kahani

 एक बार एक पहाड़ी  पर, एक विशाल वृक्ष पर सिंधुका नाम की एक विशेष पक्षी रहता था। उस पक्षी की खाशियत यह थी, की जब उस पक्षी की बूंद  धरती पर गिरती तो वह शुद्ध सोने मे बदल जाता । वह उस पेड़  पर अकेला रहता था, और अपना जीवन खुशी-खुशी व्यतित कर रहा था। 


panchtantara kahani sone ki chidiya


        एक दिन वहाँ उस चोटी  पर एक शिकारी पक्षीयो की तलास मे घूम रहा था, कई घंटे बाद जब वो किसी भी पक्षी  को पकड़ने मे सक्षम नहीं था, तब उसने विशाल पेड़ के नीचे आराम करने का फैसला किया। बस जहां शिकारी सोने ही लगा था, की तभी अचानक पक्षी  ने अपने बूंदों  को गिरा दिया, 


और वह सोने मे बदल गया। शिकारी के आँखों  के ठीक बगल मे सोने का टुकड़ा गिरा, शिकारी ने उसे देखा और पेड़ पर बैठा चिड़िया को देखा। उसी समय पक्षी ने दूसरा बूंद  गिराई, तो उस शिकारी ने जमीन पर उसे सोने मे बदलते देखा, इन सब ने शिकारी को हैरान कर दिया था, 


वह सोचने लगा की मै कई वर्ष से पक्षी  पकड़ रहा हु लेकिन ऐसा पक्षी  मैंने कभी नहीं देखा. यहाँ तक की ना तो मैंने एसा पक्षी  के बारे मे सुना है | जिनके बुँदे  सोने मे बदल जाता है। यह निश्चित रूप से एक विशेष पक्षी  है, जिसे मुझे पकड़ना है।


      दु:ख की बात यह है की जब यह शिकारी ने सोचा तो इसके बारे मे सिंधुका को पता नहीं था। वो इस पेड़  पर आराम कर रहा था, और शिकारी योजना बना रहा था। शिकारी ने एक जाल  बहुत सावधानी से लगा दिया | जब पक्षी  ध्यान नहीं दे रहा था, और आखिर मे जाल मे फंस गया। 


जब पक्षी  जाल मे फंस गया तो शिकारी ने उसे पिंजरे मे डाल दिया और वह घर की ओर जाने लगा | उसी समय सिंधुका ने सोचा, की वह जाल मे ध्यान ना देने मे कितना लपरवाह था| और इसी वजह से बेचारा जाल मे फंस गया | 


घर जाते समय शिकारी ने सोचा, की मै इस पक्षी को घर मे रखूँगा, तो मै आमिर बन जाऊगा| और सब को संदेह होगा किसी दिन किसी को इस पक्षी के बारे मे पता चलेगा, तो ओ राजा को बता देगा और मुझे इसे राजा को देना होगा, लेकिन अगर मैं 


इस पक्षी को सीधे राजा के पास पेस करता हु, तो सायद वो मुझे इस पक्षी  के बदले कोई कीमती चीज देंगे ,यह मेरे लिए बेहतर काम करेगा | मैं अपना शेष जीवन राजा की दी हुई वस्तु के सहारे जी सकता हूँ। 

          योजना के अनुसार वे सीधा राजा  के महल की ओर गया | और उसने राजा  को सारी बात बताई | राजा  को वो पक्षी दिखाई राजा इसे देख कर बहुत खुश हुआ , 


जिसका बूंद  सोने मे बदल जाता है। उसने अपने नौकर को बुलाया और काहा "इस पक्षी की उचित देख बहाल करो, इसे एक सानदार पिंजरे मे रखो, और उसे भरपुर भोजन और पानी दो"। सुनिश्चित करे, वे दूर नही हो "वह महल का शाही पक्षी हो सकता है"। और अपने बूंदों  से मुझे कई दौलत देगा। 


       अचानक राजा के मंत्रीयो में से एक राजा के पास पहुंचा, राजा जी एक पक्षी की बुँदे सोने मे कैसे बदल सकती है, ये तो असंभव है, आप इस राह चलते शिकारी पर कैसे भरोसा कर सकते है, जिसे कोई ज्ञान नहीं है, मेरा आप से अनुरोध है, की आप इस पिंजरे को खोलें  और पक्षी को दूर जाने दे, और इस शिकारी को ऐसी झुटी जानकारी देने के लिए दंडित करे। 


 राजा ने मंत्री के बात पर विचार किया | यह सच था, हाँ भला कोई पक्षी सोने की बुँदे कैसे दे सकता है, और मैंने इसे अपने आँखों से देखा भी नहीं, सायद यह शिकारी बदले मे पैसा चाहता है, राजा ने तुरंत शिकारी को गिरफ्तार करने और पक्षी को छोड़ने का आदेश दिया ।


        जैसे ही पक्षी  आजाद हुआ, वह एक दरवाजे के शीर्ष पर जाकर बैठ गया, और अचानक उसने अपने बूंदों 💧 को गिराया, जो सोने मे बदल गया, राजा और मंत्रीयो सहित, सभी यह देखकर चौंक गए, राजा को पता था, की उसने एक गलती की है, और अपने शिपहियों को उसने तुरंत पक्षी को पकड़ने का का आदेश दिया,


 मगर बहुत देर हो चुकी थी, पक्षी आकाश मे उड़ गया, और उसने खुद को लापरवाह नहीं होने का वादा किया , उसने दूसरे पहाड़  पर एक नए स्थान के लिए उड़ान भरी, जहा कोई उसको दुबारा पकड़ ना पाए |                 

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