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तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा Tere Dar Pe Aake Sanwre Kanha Bhajan


Dil Luta Baithi Sanwre Krishna Bhajan


तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा 

अपना तन मन मैं तुझपे लुटा बैठी।


अब तो चरणों से अपने लगा लो मुझे,

मैं तो नैनो में कबसे बसा बैठी,

तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा ।


जबसे देखा तुझे कुछ भी भाता नहीं,

एक तेरे सिवा कुछ सुहाता नहीं।

अब तलाक तो ये जग से लगी दिल्लगी,


अपने दिलबर से दिल ये लगा बैठी।

तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा 


अपना तन मन मैं तुझपे लुटा बैठी।

तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा 


अपना माना तुझे छोड़ जाना नहीं।

तेरे बिन एक पल भी बिताना नहीं।


मेरी साँसों में बस एक तेरा नाम है,

अपनी धड़कन में तुझको रमा बैठी,


तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा 

अपना तन मन मैं तुझपे लुटा बैठी,

तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा 


साथ तेरा मिला कुछ रही ना कमी,

मेरे दिन रात रहती होंठो पे हंसी,


ऐ रघुवीर गम से घिरी ज़िन्दगी।

मैंने श्यामा भजस से सजा बैठी,


तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा 

अपना तन मन मैं तुझपे लुटा बैठी,

तेरे दर पे आके सांवरे कान्हा 

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